7/29/22

Shiv Puran In Hindi PDF Free Download

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Shiv Puran In Hindi PDF
Shiv Puran In Hindi PDF

Shiv Puran In Hindi PDF: हिंदू धर्म में संस्कृत ग्रंथों की अठारह पुराण शैलियां हैं Shiv Puran PDF in Hindi उनमें से ही एक है और हिन्दू धर्म साहित्य संग्रह का एक हिस्सा है, यह पुराण मुख्य रूप से हिंदू भगवान शिव और देवी पार्वती पर केंद्रित है।

Shiv Puran In Hindi PDF Details

Name: Shiv Puran In Hindi PDF
Size: 50 MB
Pages: 512 Pages
Type: PDF
Download Mode: Google Drive
यह दावा किया जाता है की शिव पुराण में बारह संहिताओं में निर्धारित 100,000 श्लोक शामिल थे हालाँकि, पुराण में कहा गया है की इससे ऋषि व्यास ने संक्षिप्त किया था रोमहर्षण को पढ़ाने से पहले।

क्लॉस क्लोस्टरमायर द्वारा अनुमान लगाया गया है कि सबसे पुरानी पांडुलिपि (manuscript) 10 वीं शताब्दी से – 11 वीं शताब्दी सीई के आसपास बनाई गई थी, वर्तमान में शिव पुराण के शेष पांडुलिपियों के कुछ अध्याय 14 वीं शताब्दी के बाद लिखे जाने की संभावना है। शिव पुराण में पौराणिक कथाओं, देवताओं के बीच संबंध, नैतिकता, योग, तीर्थ स्थलों, भक्ति, नदियों और भूगोल, और अन्य विषयों के साथ शिव-केंद्रित ब्रह्मांड विज्ञान अध्याय शामिल हैं।

Shiv Puran PDF in Hindi

वे सब-के- सब बड़े दुष्ट हैं. उनका मन दूषित विषय- भोगोंमें ही लगा रहता है। बेन देवताओं पर विद्या करते हैं ना भाग्य पर; वे सभी कुटिल वृत्तिवाले हैं किसानी करते और ाँति- भाँतिके घातक अस-शास्त्र रखते आये। साजन झेंडेवाले न मार ध्मराचने कनक निम्चिपूर्णक | बढ़कर सारा सणाना जान लिया। होने के गान् शिव महिमा अन्य चुनार यो [और नील] यत है। कहां की वव की। सत्यशात् ये दित्यसूत कैत्णव सेफामरिणी, गये और यहाँ प विचारवाली और व्यधिारिणी हैं बे] ब्राह्मण को सुधासागर साम्बा विश्वके मधोमे सल्व्यवहार तथा सदाचार से सर्वथा शून्य|
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Who wrote Shiv Puran?

शिव पुराण को महर्षि वेदव्यास ने भारत देश में संस्कृत भाषा में लिखा है ! शिव पुराण को हिन्दू धार्मिक ग्रन्थ भी कहा जाता है! इसमें कुल २४ हजार श्लोक है! इसे ६ खंड में लिखा गया है ! विद्येश्वर संहिता रुद्र संहिता कोटिरुद्र संहिता उमा संहिता कैलास संहिता वायु संहिता

Importance of Shiv Puran PDF in Hindi

शिवपुराण का महत्व वही जान सकता है जो इस शिव पुराण के बारे में अच्छी तरीके से पढ़े ! शिव पुराण का महत्व उतना ही गहरा है, जितना की समुद्र गहरा है ! कहते है एक बारे एक चोर महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिर में वह चोरी करने के लिए जाता है ! लेकिन उसे मंदिर में अँधेरे के वजह से उसे कुछ भी चोरी करने के नही मिलता है ! उस चोर को टटोलते – टटोलते एक दिया मिलता है, वह चोर उस दिया को जलाता है और चोरी का सामान खोजने लगता है, तभी वहा शिव जी प्रकट होते है और कहते है बोलो तुम्हे क्या चाहिए, लेकिन चोर बोलता है मैं यहा आपसे कुछ मांगने नही बल्कि चोरी करने आया था! लेकिन शिव तब भी उसे वरदान देते है और कहते है आज के बाद तुम कुबेर गद्दी बार बैठोगे ! इतने उदार है हमारे शिव जी, इन सभी महिमाँ का गुणगान आपको शिव पुराण में मिलता है ! शिव पुराण की महिमा

तीसरी बार सुननेपर मुक्ति सुलभ हो जाती है, इसलिये मुमुक्षु पुरुषोंको बारंबार इसका || श्रवण करना चाहिये। किसी भी उत्तम |

जो मनुष्य भक्तिपरायणा हो इसका श्रवण करेगा, वह भी इहलोकमें सम्पूर्ण भोगोंका उपभोग करके अन्त में मोक्ष प्राप्त कर लेगा।


Benefits of reading Shiv Puran PDF in Hindi

शिव पुराण को पढने के आपको बहुत सारे फायदे है, इसमें भगवान् शिव और माता पार्वती के महिमा कर वर्णन किया है साथ में आपको इसमें शिव भगवान् के पूजा विधि के बारे में लिखा गया है ! इसमें जितने भी खंड लिखे गये है, इसमें सभी खंड में अलग- अलग चीजो का वर्णन किया गया है! जो व्यक्ति शिव पुराण को पढता है उससे भगवान् शिव प्रसन्न होते है और भगवान् शिव के कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है! किसी व्यक्ति से अगर अनजाने में कोई पाप हो जाए और वह शिव पुराण का पाठ करने लगे तो उसे पाप से और ताप से मुक्ति मिलती है! जो व्यक्ति शिव पुराण को पढने लगता है, उस व्यक्ति को मृत्यु के बाद शिवगण लेने आते है यमराज नही ! श्रावण में शिव पुराण का पाठ करने से इसका फल सैकड़ो गुना बढ़ जाता है ! शिव पुराण का पाठ करने से व्यक्ति पर आने वाले सभी परेशानी और आपत्ति से बच जाता है !

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